माँ विमला देवी शक्तिपीठ मंदिर पुरी ओडिशा | Goddess Vimala Devi Shakti Peeth Temple Puri Odisha

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(Puri men jagannaath mandir ke praangaṇa men sthit hai ati praacheen vimalaa devee aadi shaktipeeṭh. Ise bimalaa devee shaktipeeṭh bhee bolaa jaataa hai. Maanyataa hai ki yahaan par maa satee kee naabhi giree thee. Is shaktipeeṭh men maa satee ko ‘vimalaa’ aur bhagavaan shiv ko ‘jagat’ kahaa jaataa hai. Devee satee devee shakti (sadbhaav kee devee) kaa avataar hain aur inhen devee durgaa (shakti kee devee) bhee kahaa jaataa hai aur devee satee ko devee kaalee (buraai ke vinaash kee devee) ke roop men bhee poojaa jaataa hai.)
पुरी में जगन्नाथ मन्दिर के प्रांगण में स्थित है अति प्राचीन विमला देवी आदि शक्तिपीठ। इसे बिमला देवी शक्तिपीठ भी बोला जाता है। मान्यता है कि यहाँ पर माँ सती की नाभि गिरी थी। इस शक्तिपीठ में माँ सती को ‘विमला’ और भगवान् शिव को ‘जगत’ कहा जाता है। देवी सती देवी शक्ति (सद्भाव की देवी) का अवतार हैं और इन्हें देवी दुर्गा (शक्ति की देवी) भी कहा जाता है और देवी सती को देवी काली (बुराई के विनाश की देवी) के रूप में भी पूजा जाता है।
विमला मंदिर जगन्नाथ मंदिर की दाईं ओर पवित्र कुंड रोहिणी के बगल में स्थित है। मन्दिर का मुख पूर्व दिशा की ओर है और बलुआ पत्थर और लेटराइट से निर्मित है। देवी विमला की मूर्ति के चार हाथ हैं। ऊपरी दाहिने हाथ में माला धारण किए हुए हैं। निचला दाहिना हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है और निचले बाएं हाथ में अमृत भरा एक कलश है। विमला मंदिर में ब्राह्मी, माहेश्वरी, आंद्री, कौमारी, वैष्णवी, वराही और माँ चामुंडा की भी प्रतिमाएं हैं।
मंदिर के शिखर को ‘रेखा देउला’ कहा जाता है, जिसकी ऊँचाई 60 फ़ीट है। इसकी बाहरी दीवार पांच भागों में विभाजित है। मन्दिर के चार प्रमुख हिस्से हैं – मन्दिर का शिखर (विमानम); सम्मेलन सभामंडप (जगमोहन); पर्व-महोत्सव सभामंडप (नटमंडप) और भोग मंडप (आहुति सभामंडप)।
शक्तिपीठ लालकोर्ट स्टेशन से 5 किलोमीटर दूर है। यहाँ तक पहुँचने के लिए भुवनेश्वर से कई वाहन उपल्ब्ध हैं। इसके अलावा कोणार्क से मन्दिर के लिए जीप ली जा सकती है।
दुर्गा पूजा महोत्सव 16 दिन तक मनाया जाता है। इस पर्व को षोडश दिनात्मक या 16 दिन चलने वाला शारदीय उत्सव भी कहा जाता है। इसके अलावा नवरात्रि और विजयदशमी का त्यौहार भी अत्यंत उल्लासपूर्वक मनाया जाता है। जगन्नाथ जी को अर्पित किया गया नैवेद्य सर्वप्रथम शक्ति स्वरुपिणी देवी विमला ही ग्रहण करती हैं, तत्पश्चात् प्रसाद सब भक्तों में महाप्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।

समय :
सुबह 5:00 AM दोपहर 1:00 PM
शाम 4:00 PM रात 11:30 PM
आरती का समय :
सुबह 5:00 से 06:00 बजे

Address:
Shree jagannath Temple
SRI NAHAR, Puri,
Odisha 752001
Phone: 91-674-2511166
91-6752-222829
91-6752-224499
Email: gajapati@dte.vsnl.net.in